आप जानते हैं कि जो भोजन आप करते हैं वह भोजन शरीर में कैसे पचता है और पाचन क्रिया के बाद कैसे शरीर में कार्य करता है। इसके लिए आपको पाचन क्रिया विधि के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पढ़ें आगे Digestive system मानव के पाचन तंत्र की क्रिया विधि (Mechanism of digestive system of human ) मानव के पाचन -तंत्र की क्रिया विधि का अध्ययन निम्न चरणों में संपूर्ण होता है - 1.अंतर्ग्रहण (Ingestion) 2.पाचन (Digestion) 3.अवशोषण (Absorption) 4. स्वांगीकरण (Assimilation) 5. बहि :क्षेपण (Egestion) 1.अंतर्ग्रहण (Ingestion) - किसी भी जीव या मानव द्वारा भोजन को ग्रहण करने की जो क्रिया होती है अंतर्ग्रहण (Ingestion) कहलाती है। मानव एक सर्वहारी प्राणी है। मानव में अंतर्ग्रहण दो चरणों में संपन्न होता है। पहले चरण में भोजन को चबाया जाता है तथा दूसरे चरण में निगलने की क्रिया होती है। भोजन को कृन्तक (incisors) दांतों से काटकर ग्रहण किया जाता है। मुख गुहा में अंतर्...
मानव में आर्तव चक्र (Menstrual Cycle in Human) ~ प्रजनन चक्र ~ सभी मादा स्तनियों के प्रजनन में पायी जाने वाली सभी घटनायें एक चक्रीय क्रम में घटित होती है, जिसे प्रजनन चक्र या अंडाशयी चक्र कहते हैं। स्तनियों में प्रजनन चक्र दो प्रकार के होते हैं - (१) मद चक्र (Estrous Cycle) (२) आर्तव चक्र (Menstrual Cycle) मद चक्र कुछ समय के लिए होता है यह लैंगिंक परिपव्कता से संबंधित होता है। प्राइमेट स्तनी को छोड़कर शेष सभी स्तनियों में यह चक्र पाया जाता है। इस अवधि में मादा जंतु ,नर को सहवास हेतु ग्रहण करती हैं। महिलाओं में माहवारी चक्र पाया जाता है जिसमें जनन काल में एस्ट्रोजन सतत रूप से स्त्रावित होता रहता है। जिसके कारण मादा जनन तंत्र में नियमित चक्रीय परिवर्तन होते है जिन्हें आर्तव चक्र (Menstrual Cycle) कहते है। मेन्सस् का अर्थ माह होता है। प्रथम बार माहवारी (Puberty) 12-14 वर्ष की आयु में शुरू होती है जिसे रजोदर्शन (Menarche) कहते हैं। यह चक्र लगभग 50 वर्ष की आयु में समाप्त हो जाता है। इस अवस्था को रजोनिवृत्ति (Menopaus...
Biology {Zology} Notes रूधिर समूह (Blood Groups):- मनुष्य में रुधिर एक समान नहीं होता क्योंकि इसमें एक दूसरे से कई प्रकार की भिन्नता हो सकती है रक्ताणुओं की सतह पर पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रतिजन (Antigen)के आधार पर रक्त को कई अलग-अलग समूह में बांटा गया है। एंटीजन या एग्लुटिनोजन ऐसे पदार्थ होते है जो एंटीबॉडी या एग्लुटिनिन नाम के पदार्थों का निर्माण प्रेरित करते हैं मनुष्य में एंटीजन के दो प्रमुख समूह होते हैं जिन्हें ABO तंत्र तथा RH तंत्र कहते हैं। 1.ए.बी.ओ.-तंत्र (ABO-System):- ABO तंत्र में दो प्रकार के एंटीजन होते हैं जीन की खोज लैंडस्टीनर की थी। उसने कहा था कि एंटीजन A तथा B रक्ताणुओं की सतह पर पाई जाती हैं। जो ग्लाइकोप्रोटीन होतेे हैं प्लाज्मा में दो प्रकार की एंटीबॉडी Anti-A या a तथा Anti-B या bपाई जाती हैं। मानव जाती के सदस्यों में उपस्थित एंटीजन तथा एंटीबॉडी के अंतर के कारण के चार समूह होते हैं। यदि किसी व्यक्ति के रूधिर में उससे अलग रुधिर समूह का रूधिर मिला दिया जाता है तो एंटीजन एंटीबॉडी से प्रतिक्रिया क...
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