आप जानते हैं कि जो भोजन आप करते हैं वह भोजन शरीर में कैसे पचता है और पाचन क्रिया के बाद कैसे शरीर में कार्य करता है। इसके लिए आपको पाचन क्रिया विधि के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पढ़ें आगे Digestive system मानव के पाचन तंत्र की क्रिया विधि (Mechanism of digestive system of human ) मानव के पाचन -तंत्र की क्रिया विधि का अध्ययन निम्न चरणों में संपूर्ण होता है - 1.अंतर्ग्रहण (Ingestion) 2.पाचन (Digestion) 3.अवशोषण (Absorption) 4. स्वांगीकरण (Assimilation) 5. बहि :क्षेपण (Egestion) 1.अंतर्ग्रहण (Ingestion) - किसी भी जीव या मानव द्वारा भोजन को ग्रहण करने की जो क्रिया होती है अंतर्ग्रहण (Ingestion) कहलाती है। मानव एक सर्वहारी प्राणी है। मानव में अंतर्ग्रहण दो चरणों में संपन्न होता है। पहले चरण में भोजन को चबाया जाता है तथा दूसरे चरण में निगलने की क्रिया होती है। भोजन को कृन्तक (incisors) दांतों से काटकर ग्रहण किया जाता है। मुख गुहा में अंतर्...
Biology (Zoology) ~ Simple knowledge मनुष्य में भ्रूणीय परिवर्धन (Embryonic Development in Human) • भ्रूणोद्भवन (Embryogenesis) ~ युग्मनज (Zygote) में कोशिका विभाजन व कोशिकीय विभेदन से भ्रूणीय विकास को मानव भ्रूणोद्भवन कहते है। यह प्रक्रिया क्रमिक विकास मनुष्य में एक कोशिकीय युग्मनज से प्रारंभ होकर नवजात शिशु के विकास तक होती है। विदलन (Cleavage) एवं तूतकभवन (Morulation) ~ मनुष्य में निषेचन की क्रिया अंडवाहनी के फैलोपियन नलिका में संपन्न होती है , जहां पर आपको पता है शुक्राणु ओर अंडाणु संयुग्मन से द्विगुणित युग्मनज (Zygote) का निर्माण करते हैं। युग्मनज में होने वाले शुरूआती समसूत्री विभाजनों को ही तो विदलन कहते हैं। इस विदलन की शुरुआत तभी हो जाती है जब युग्मनज अंडवाहिनी से गर्भाशय की तरफ बढ़ता है। सबसे पहले युग्मनज समसूत्री विभाजन द्वारा दो समान कोशिकाओं में विभाजित होता है , जिसे द्विकोशीक अवस्था (Two celled stage) कहते हैं। उसके बाद समसूत्री विभाजन से इन दो कोशिकाओं में से बड़ी कोशिका ...
मानव में आर्तव चक्र (Menstrual Cycle in Human) ~ प्रजनन चक्र ~ सभी मादा स्तनियों के प्रजनन में पायी जाने वाली सभी घटनायें एक चक्रीय क्रम में घटित होती है, जिसे प्रजनन चक्र या अंडाशयी चक्र कहते हैं। स्तनियों में प्रजनन चक्र दो प्रकार के होते हैं - (१) मद चक्र (Estrous Cycle) (२) आर्तव चक्र (Menstrual Cycle) मद चक्र कुछ समय के लिए होता है यह लैंगिंक परिपव्कता से संबंधित होता है। प्राइमेट स्तनी को छोड़कर शेष सभी स्तनियों में यह चक्र पाया जाता है। इस अवधि में मादा जंतु ,नर को सहवास हेतु ग्रहण करती हैं। महिलाओं में माहवारी चक्र पाया जाता है जिसमें जनन काल में एस्ट्रोजन सतत रूप से स्त्रावित होता रहता है। जिसके कारण मादा जनन तंत्र में नियमित चक्रीय परिवर्तन होते है जिन्हें आर्तव चक्र (Menstrual Cycle) कहते है। मेन्सस् का अर्थ माह होता है। प्रथम बार माहवारी (Puberty) 12-14 वर्ष की आयु में शुरू होती है जिसे रजोदर्शन (Menarche) कहते हैं। यह चक्र लगभग 50 वर्ष की आयु में समाप्त हो जाता है। इस अवस्था को रजोनिवृत्ति (Menopaus...
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